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dant dard ka ilaj


दांत दर्द का इलाज और घरेलु नुक्से, दाँतों में दर्द होना अब यह आम समस्या बन चूकी है आज के समय में किसी भी व्यक्ति को यह समस्या हो सकती है इसके कारण अनेक हो सकते है जैसे दाँत में खोदाड़ होना, दाँत के सभी हिस्सों तक ब्रश न पहुंचना, मसूड़ों का कमजोर होना, इत्यादि।
बच्चों के दाँत में अक्सर ही कीड़े लग जाते हैं। बड़े व्यक्ति के दाँतों में भी इसकी शिकायत देखी जाती है।
जब भी दाँत में दर्द उठता तो ऐसा लगता है जैसे इससे बड़ा दर्द कुछ और हो नहीं सकता है , कभी-कभी तो यह दर्द हमारे सिर में तो कभी कान और जबड़े में इस तरह होती है जो असहनीय होती है और हम बस दांत दर्द कैसे ठीक करें तुरंत इलाज ढूँढ़ते है।

आप इस आर्टिकल में दाँत दर्द का इलाज मुख्यतः 3 उपाय के बारे में जानेंगे।
  1. Dant dard ka ilaj
  2. Dant Dard Ka Gharelu Upay kya hai ?
  3. दाँत दर्द का प्राकृतिक रूप से उपचार

Dant dard ka ilaj

सबसे पहले तो आप कुछ बुरी आदतों को छोड़ दें ,
  • जब भी कुछ भोजन करें तो कुल्ला करने की आदत डालें इससे आपके दाँतों में बैक्टीरिया नहीं लगेंगे। और दाँतों में लगे कीड़े बढ़ नहीं पाएंगे।
  • बोतल से पानी पीने वाली आदत छोड़े , पानी हमेशा ग्लास से पिए , बोतल से पानी सीधे आपके दाँतों में जाती है और यह आपके दाँत को कमजोर करती है।
  • दाँत की समस्या(Sensivity) होने पर ज्यादा ठंडा या गरम पानी न पिए।

1फिटकरी से दांत दर्द का इलाज
"दाँत दर्द से राहत पाने के लिए आपको एक बेहतरीन उपाय के बारे में बताने वाले है जिससे आपको 2 मिनट के अंदर दाँत का दर्द गायब हो जायेंगे। आपको फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा लेना है और इसे 1 Cup पानी में अच्छी तरह मिला लें , जब फिटकरी पानी में घुल जाये तब इस पानी को मुँह में लेकर अंदर धीरे-धीरे 2 से 3 मिनट तक हिलाते रहे (कुल्ला करें ) , जिस दाँत में अधिक दर्द है पानी को वहाँ अधिक समय तक रखें फिर पानी बाहर निकाल दें। बस इसी परिक्रिया से पानी को ख़त्म करें, इससे दाँत दर्द में तुरंत आराम मिलेगा।"

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Dant Dard Ka Gharelu Upay kya hai ?

दाँत दर्द की समस्या मसूड़ों के कमजोर हो जाने से होती है प्रातः काल उठने के बाद सबसे पहले अपनी मुँह के लार से मसूड़ों को ऊँगली से रोजाना मालिश करें।

2नमक
गुनगुना पानी में थोड़ी सी नमक डालकर इस पानी से कुल्ला करने से दन्त दर्द में तुरंत आराम मिलता है जब दांतों में अधिक परेशानी हो तो यह उपचार दिन में 3 से 4 बार करें।

3लौंग
दांतों के दर्द में तीन चार लौंग को महीन चूर्ण बनाकर दांतों के दर्द वाले हिस्से में रखने से दांत दर्द दूर हो जाता है।

4सरसों तेल, हल्दी और नमक
सरसों तेल, हल्दी और नमक इन तीनों का एक चमच भर पेस्ट बना कर दांतों एवं मसूड़ों पर मसाज करने से दांत दर्द से छुटकारा मिल जाता है इसके साथ ही मसूड़े मजबूत हो जाते है

दाँत दर्द का प्राकृतिक रूप से उपचार

दांतों में ठंडा या गरम पानी लगता है , मसूढ़ों से खून आता है , दांत हिलते है , दन्त पीले पड़ गए है और दांतों में दर्द रहता है तो इनकी प्राकृतिक तरीके से देखभाल करें।

5माजूफल से इलाज
माजूफल से दांतों का प्राकृतिक रूप से उपचार होता है। माजूफल को खूब महीन पीसकर रोजाना सुबह - शाम इससे दांतों को मलें। इसके साथ ही धीरे-धीरे मसूढ़ों की भी मालिश करें। इससे दांतों में पानी लगना दूर होता है और कमजोर दांतों में भी मजबूती आ जाती है। मसूढ़ों से खून आने की शिकायत होती है तो वह भी दूर हो जाती है।

6सरसों का तेल और सेंधा नमक
दांतों के लिए सरसों का तेल और सेंधा नमक का मिश्रण भी गुणकारी है। सेंधा नमक को खूब बारीक़ पीसकर उसे सरसों के तेल में हथेली पर लेकर अच्छी तरह मिला लें। फिर ऊँगली की सहायता से दांतों सहित मसूढ़ों की भी धीरे-धीरे मालिश करें। इससे दांतों का हिलना ठीक होकर उनमें मजबूती आती है। दांतों में पानी लगने की शिकायत दूर होती है और उनका पीलापन दूर होता है।

7अकरकरा का बारीक़ चूर्ण
अकरकरा का बारीक़ चूर्ण मसूढ़ों पर मलने और कीड़े लगे खोखले दांतों की जड़ में लगने से कृमि नष्ट होकर दर्द बंद हो जाता है। यह औषधि आयुर्वेद दुकानों में या पतंजलि स्टोर में उपलब्ध होती है।

Dentist's सुझाव

जब आप डॉक्टर के पास जाते है तो वो आपको दाँत उखाड़ने या दाँत में RCT (Root Canal Treatment) करवाने की सलाह देते है और क्यूंकि RCT थोड़ी महंगी परिक्रिया है इसलिए हम से कई लोग इसे अफ़्फोर्ड नहीं कर पाते है और दूसरा विकल्प हमारे पास दाँत उखाड़ने की होती है जो हम निकालना नहीं चाहते है।
आइये dentist RCT कैसे करते है इसकी परिक्रिया को समझते है।

Dant Dard ka ilaj

सबसे पहले स्थान पर जो इमेज है वो एक नॉर्मल दाँत की है हमारा दाँत भी इसी प्रकार से बना हुआ है आप देखेंगे की जो पहली सफ़ेद लेयर है जो कि Enamel है, दूसरा लेयर जो कुछ पीली रंग का दिखाई पड़ रही है उसे Dentin कहा जाता है और जो तीसरी लेयर है जिसमें आपकी दाँतों की नशे है Pulp chamber कहते है।

जब दाँतों की पहली सफेद लेयर Cavities लगने पर डैमेज हो जाती है तब कुछ भी खाने पर यह सीधा Dentin पर नुकसान पहुँचता है और धीरे-धीरे यह दाँत के नशों तक चला जाता है फिर खाने की कुछ भी वास्तु अगर नस तक पहुँचती है तो दर्द होना शुरू हो जाती है।
और यह नशे आपकी कान और शिर जुड़ी होती है इसलिए अक्सर दाँतों के दर्द से सिर या कानों में भी दर्द होती है। यदि आप इस परेशानी से जूझ रहे है तो आप बेहतर समझ सकते है।
समय पर दाँतों की ठीक तरह से देखभाल नहीं करने से यह समस्या बढ़ती ही जाती है और धीरे-धीरे यह पूरी तरह से खोखले(खोदाड़) का रूप ले लेता है।

इस कंडीशन में डेंटिस्ट दाँतों का X ray कर इसके जाँच करते है फिर RCT की परिक्रिया शुरू करते है ,
इस परिक्रिया में दाँत के दोनों ऊपरी भाग में टूल के द्वारा सफाई कर वहां से लगे कीड़े (कैविटी) को बाहर निकालते है फिर उसके अंदर Cement(Chemical) रिफिलिंग करते है।

Dant dard ka ilaj hindi me अपनायें ये खास नुक्से दर्द मिनटों में होगा गायब


Gajar Ke Fayde गाजर बहुत ही गुणकारी है स्वाथ्य के लिए है

गाजर  का  जूस :-

Gajar Ke Fayde गाजर बहुत ही गुणकारी है स्वाथ्य के लिए है (Carrots is very beneficial),  गाजर   में   जीवन   दायिनी   शक्ति है,   गाजर   में   दूध   के   समान   गुण   विद्यमान   हैं   और   गाजर का   रस   दूध   से   भी उत्तम   है,   गाजर   में   माता   के   दूध   के समान   खनिज   लवण   पाए   जाते   हैं।  इसके   उपयोग   से  हमारी सेहत   बहुत   बढ़िया   रह   सकती   है।   गाजर  का   उपयोग   इसका रस   निकाल   कर   या   सब्जी   बनाकर   किया   जा   सकता   है।
गाजर   का   जूस   नियमित   पीने   से   हमारी   आँखों   के   छोटे छोटे   रोगों   से   लेकर   मोतियाबिंद   जैसे   रोग   नहीं   होते।   गाजर के   नियमित   सेवन   से   ब्रैस्ट   कैंसर,   पेट   के   कैंसर   और फेफड़ों   के   कैंसर   से बचा   जा सकता है   और   अगर   ये   रोग हो जाए   तो   इसके   सेवन   से   बहुत   जल्दी   रिकवरी   होती   है। लीवर   पेट   आँतों   और   दांतों   मसुडो   के   रोगों   में   भी   बहुत लाभकारी   है ।

Gajar Ke Fayde गाजर बहुत ही गुणकारी है स्वाथ्य के लिए है

पालक का जूस के फायदे(Spinach juice benefits)



पालक  का  जूस :-

पालक   विटामिन K,   विटामिन A (करोटेनॉइड्स के रूप में),   मैंगनीज,   मैग्नीशियम,   आयरन,   कैल्शियम,   एमिनो एसिड   तथा फोलिक  एसिड  फोलेट,   कॉपर,   विटामिन B2,    विटामिन B6, विटामिन E,   कैल्शियम,   पोटैशियम,   और   विटामिन C   का   अति उत्कृष्ट   स्त्रोत   है।   कच्चा   पालक   खाने   से   कड़वा   और   खारा ज़रूर   लगता   है,   परन्तु   ये   गुणकारी   होता   है।   गुणों   के मामले   में   पालक   का   शाक   सब  शाकों   से   बढ़  चढ़कर   है। इसका   रस   यदि   पीने   में   अच्छा   न  लगे   तो   इसके   रस   में आटा   गूंथकर   रोटी   बनाकर   खानी   चाहिए।   पालक   रक्त   में लाल   कण   बढ़ाता   है।   कब्ज   दूर   करता   है।   पालक,   दाल व् अन्य   सब्जियों   के   साथ   खाएं।


पालक का जूस के फायदे(Spinach juice benefits)

गेंहू के जवारों और गिलोय का मिक्स जूस

गेंहू के जवारों और गिलोय का मिक्स जूस(Mix the juice of wheat Jwaron and Giloy)

अगर  आपको   कोई   ऐसा   रोग   हो   गया   हो   जो   असाध्य   हो या   आपको   लगता   हो   के   ये   आपकी  जान  लेकर  ही  जायेगा तो  बिना  विलम्ब  किये  रोगी  को  ये  जूस  पिलाना  शुरू   करना चाहिए,   ये  शरीर  में  जाते  ही  शरीर  से  विजातीय  पदार्थ निकालकर  शारीर  में  अमृत   का  संचार  करता  है,  कैंसर,  हृदय  की ब्लॉकेज,  किडनी के रोगों, लीवर, ब्लड शुगर जैसे अनेक रोगों के लिए ये बेहतरीन  है. इस   जूस   के   बारे  के  गुणों  के  बारे  में  जितना लिखा  जाए  उतना  ही  कम   है.  गेंहू  के  जवारो  को  आयुर्वेद  में ग्रीन  ब्लड  और  पृथ्वी  की  संजीवनी  के  नाम  से  सम्भोधित  किया जाता है और गिलोय को अमृता के नाम से जाना जाता है, इन दोनों को मिक्स कर के बनाया गया जूस अपने आप में अमृत लिए रहता है

गेंहू के जवारों और गिलोय का मिक्स जूस(Mix the juice of wheat Jwaron and Giloy)

पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)

पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)


दोस्तों ये घरेलू व आयुर्वेदिक इलाज मैंने आचार्य बालकृष्ण जी और दाती महाराज जी की फेसबुक पोस्ट से एकत्रित किये है . उम्मीद है इनसे आपको लाभ मिलेगा .



अल्सर :- कच्चे    केले    की    सब्जी    खाने   से   अल्सर   में   शीघ्र   लाभ   होता   है .
पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)



पेट के अल्सर का घरेलू उपचार:- एक   चम्मच   आवले   के   रस में   एक चम्मच   सहद मिलाकर   प्रतिदिन   दो बार पीने से   पेट का   अल्सर ठीक   हो जाता है .



अपच ( भोजन का न पचना ):- अपच   में   छांछ   एक   सर्बोत्तम   औसधि है   छांछ   आंतो में     स्वास्थ्यबर्धक कीटाणुओं   की   बृद्धि करती है.   छांछ   में   सेंधा   नमक   भुना   हुवा   जीरा   तथा   पिसी     हुयी   काली   मिर्च   मिलाकर   सेवन   करने से   अजीर्ण (भूख न लगना ) दूर हो   जाता है .


पेट में गैस बनना या पेट फूलना :- पेट   में   गैस   बनने या   पेट फूलने   पर थोड़ी   सी   हींग   को   गरम   पानी में घोलकर    लेप   बना लें   तथा   इसमे   रुई   भिगोकर   नाभि   पर   रख   दें. ऐसा   करने से   पेट   फूलने में शीघ्र ही राहत मिलती है .




पेट की गैस की अचूक औसधि :- दो छोटे चम्मच नीम्बू के रस तथा थोड़े से सेंधा नमक को २०० मिलीलीटर गुनगुने पानी में मिलकर धीरे धीरे पीने से पेट की गैस में लाभ होता है .


पाचन शक्ति बढ़ाना :- पपीता   पाचन   शक्ति   को   बढ़ता है   और   खून   की कमी   को दूर करता है . अतः जिन्हे खून की   कमी   होती   है उन्हें   पपीता   जरूर   खाना   चाहिए .



पेट दर्द :-    अनार   के  रस   से   लगभग   हर   प्रकार के   उदर रोगों   का उपचार   हो जाता है .   इसके नियमपूर्वक सेवन से भोजन – रस   का   निर्माण   प्रयाप्त   मात्रा में   होता है   जिससे   मेदा व यकृत   आदि की   दुर्बलता, संग्रहणी, दस्त   तथा   हर   प्रकार के   पेट दर्द   की   शिकायत   दूर होती है.



पेट दर्द का घरेलू उपचार:- अदरक   तथा   पुदीना   का   रस   एक   एक   चम्मच   की   मात्रा   में   ले   तथा   इसमे   सेंधा   नमक   मिला   लें .   इसे   पीने   से   पेट दर्द में तुरंत   लाभ होता है .


पेट दर्द का अनुभूत प्रयोग:-   लगभग   एक   ग्राम   पीसी   हुयी   सौंठ , एक चुटकी   हींग   तथा   थोड़ा   सा   सेंधा नमक   मिलाकर   गुनगुने   पानी   के   साथ   फंकी   लेने   से   पेट   दर्द में   लाभ होता है .


अम्ल पित (Acidity):- धनिया,  जीरा,   मिश्री   बराबर   मात्रा में   लेकर   पीस   लें .   इस   चूर्ण   को    प्रतिदिन २ – २ चम्मच   की   मात्रा में   सुबह   शाम   भोजन   के   बाद   सादे   पानी से   सेवन करें . कुछ   दिन   इसका   प्रयोग लगातार  करने   से   अम्लपित्त   का   रोग   दूर हो जाता है .


अल्सर – बिभिन्न औसधियों द्वारा अल्सर का उपाय :- १. पान   के   हरे   पत्ते   का   आधा   चम्मच   रस    प्रतिदिन पीने   से   पेट   के   घाव   व   दर्द   में   लाभ   होता है .
२. एक   चम्मच   आंवले   के   रस   में   एक   चम्मच   सहद   मिलाकर   प्रतिदिन   पीने   से   अल्सर   ठीक   हो जाता है . ३. अल्सर   के   रोगी   को   अनार   के   रस   तथा   आवला   मुरब्बा   सेवन   करने   से   लाभ होता है . ४. अल्सर में   दूध , पका   केला , चीकू,   शरीफा   तथा   सेब का   सेवन   करना   चाहिए..
पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)



अस्थमा :- हल्दी   को   पीसकर   चूर्ण   बना लें   तथा इस   चूर्ण   को सूखी   कढ़ाई में    भून कर   ठंडा   होने   पर शीशी में भरकर   रख   लें यह   चूर्ण   एक   छोटी   चम्मच की   मात्रा में   प्रतिदिन   गरम पानी   या   गर्म दूध के   साथ    सेवन करने से   अस्थमा   में बहुत   लाभ   होता है


श्वास (दमा) रोग हेतु अनुभूत प्रयोग :-
आधे चम्मच अदरक के रस में एक चमच शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम चाटने से सभी प्रकार के स्वाश रोग ,खांसी तथा जुकाम आदि ठीक होते है .



आंतो की सूजन दूर करने में उपयोगी दही:- आंतो की सूजन दूर करने में दही अत्यंत लाभ कारक है. इस रोग में भूक लगने पर रोटी से अधिक दही का सेवन करने से जल्दी ही आंतो की सूजन दूर हो जाती है ..


दस्तों में लाभ कारी ईसबगोल:- ईसबगोल को दही के साथ सेवन करने से आंवयुक्त दस्त और खुनी दस्त के रोग में लाभ मिलता है.


दिल की घबराहट:- 50 ग्राम सेब के जूस में दस ग्राम शुद्ध शहद को मिलाकर सेवन करने से दिल की घबराहट से तत्काल राहत मिलती है .


पाचन शक्ति बढ़ाने हेतु प्रयोग:- चुटकी   भर   काली मिर्च   के   चूर्ण में   एक चम्मच   शहद   मिलाकर   दिन   में   दो बार चाटने   से   पाचन   शक्ति   बढ़ती   है   तथा   भूख   लगती है .



गुर्दा (Kidney) की सफाई में उपयोगी हरा धनिया:-   लगभग   50 ग्राम   हरा धनिया   अच्छी   तरह   धोकर   बारीक काट   लें   और   इसे   एक गिलास   पानी   में   डालकर   10 मिनट   तक उबालें .   इसे   ठंडा   होने   पर   छान   कर पी लें . प्रतिदिन ऐसा करने से गुर्दों की सफाई हो जाती है तथा गन्दगी मूत्र के साथ बाहर निकल जाती है . यह प्रयोग किसी भी समय कर सकते है .


पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)




पत्तागोभी  का  जूस :-

पत्ता गोभी के फायदे स्वाथ्य के लिए बहुत ही गुणकारी है पत्तागोभी   देखने   में   जितनी   साधारण   हैं   उतनी   ही   गुणों   में अमृत   के   समान   हैं,   अनेक   कष्ट   साध्य   रोग   जैसे   कैंसर, कोलाइटिस,   हार्ट,   मोटापा,   अलसर,   ब्लड   क्लॉटिंग   रक्त के थक्के   जमने   में,   उच्च   रक्तचाप,   नींद   की   कमी,   पथरी,   मूत्र की   रुकावट   में   पत्तागोभी   बहुत   लाभकारी   हैं।   इसकी   सब्जी भी   घी   से   छौंककर   बनानी   चाहिए।   पत्तागोभी   को   करमकल्ला   के   नाम   से   भी   पुकारा   जाता   हैं।   इसका   रस, सलाद   और   सब्जी   सभी   गुणकारी   हैं।   रोगी   व्यक्ति   को नियमित   इसके   जूस   का   सेवन   करना   चाहिए.   और   अगर स्वस्थ   व्यक्ति   भी   इसका   सेवन  करता   है   तो   उसका   स्वास्थय नियमित   बना   रहता   है.


पत्ता गोभी के फायदे स्वाथ्य के लिए बहुत ही गुणकारी है