दांत दर्द में अपनायें ये खास नुक्से दर्द मिनटों में होगा गायब

dant dard ka ilaj


दांत दर्द के इलाज और घरेलु नुक्से, दाँतों में दर्द होना अब यह आम समस्या बन चूकी है आज के समय में किसी भी व्यक्ति को यह समस्या हो सकती है इसके कारण अनेक हो सकते है जैसे दाँत में खोदाड़ होना, दाँत के सभी हिस्सों तक ब्रश न पहुंचना, मसूड़ों का कमजोर होना, इत्यादि।
बच्चों के दाँत में अक्सर ही कीड़े लग जाते हैं। बड़े व्यक्ति के दाँतों में भी इसकी शिकायत देखी जाती है।
जब भी दाँत में दर्द उठता तो ऐसा लगता है जैसे इससे बड़ा दर्द कुछ और हो नहीं सकता है , कभी-कभी तो यह दर्द हमारे सिर में तो कभी कान और जबड़े में इस तरह होती है जो असहनीय होती है और हम बस दांत दर्द कैसे ठीक करें तुरंत इलाज ढूँढ़ते है।

आप इस आर्टिकल में दाँत दर्द का इलाज मुख्यतः 3 उपाय के बारे में जानेंगे।
  1. Dant dard ka ilaj
  2. Dant Dard Ka Gharelu Upay kya hai ?
  3. दाँत दर्द का प्राकृतिक रूप से उपचार

Dant dard ka ilaj

सबसे पहले तो आप कुछ बुरी आदतों को छोड़ दें ,
  • जब भी कुछ भोजन करें तो कुल्ला करने की आदत डालें इससे आपके दाँतों में बैक्टीरिया नहीं लगेंगे। और दाँतों में लगे कीड़े बढ़ नहीं पाएंगे।
  • बोतल से पानी पीने वाली आदत छोड़े , पानी हमेशा ग्लास से पिए , बोतल से पानी सीधे आपके दाँतों में जाती है और यह आपके दाँत को कमजोर करती है।
  • दाँत की समस्या(Sensivity) होने पर ज्यादा ठंडा या गरम पानी न पिए।

1फिटकरी से दांत दर्द का इलाज
"दाँत दर्द से राहत पाने के लिए आपको एक बेहतरीन उपाय के बारे में बताने वाले है जिससे आपको 2 मिनट के अंदर दाँत का दर्द गायब हो जायेंगे। आपको फिटकरी का एक छोटा सा टुकड़ा लेना है और इसे 1 Cup पानी में अच्छी तरह मिला लें , जब फिटकरी पानी में घुल जाये तब इस पानी को मुँह में लेकर अंदर धीरे-धीरे 2 से 3 मिनट तक हिलाते रहे (कुल्ला करें ) , जिस दाँत में अधिक दर्द है पानी को वहाँ अधिक समय तक रखें फिर पानी बाहर निकाल दें। बस इसी परिक्रिया से पानी को ख़त्म करें, इससे दाँत दर्द में तुरंत आराम मिलेगा।"

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Dant Dard Ka Gharelu Upay kya hai ?

दाँत दर्द की समस्या मसूड़ों के कमजोर हो जाने से होती है प्रातः काल उठने के बाद सबसे पहले अपनी मुँह के लार से मसूड़ों को ऊँगली से रोजाना मालिश करें।

2नमक
गुनगुना पानी में थोड़ी सी नमक डालकर इस पानी से कुल्ला करने से दन्त दर्द में तुरंत आराम मिलता है जब दांतों में अधिक परेशानी हो तो यह उपचार दिन में 3 से 4 बार करें।

3लौंग
दांतों के दर्द में तीन चार लौंग को महीन चूर्ण बनाकर दांतों के दर्द वाले हिस्से में रखने से दांत दर्द दूर हो जाता है।

4सरसों तेल, हल्दी और नमक
सरसों तेल, हल्दी और नमक इन तीनों का एक चमच भर पेस्ट बना कर दांतों एवं मसूड़ों पर मसाज करने से दांत दर्द से छुटकारा मिल जाता है इसके साथ ही मसूड़े मजबूत हो जाते है

दाँत दर्द का प्राकृतिक रूप से उपचार

दांतों में ठंडा या गरम पानी लगता है , मसूढ़ों से खून आता है , दांत हिलते है , दन्त पीले पड़ गए है और दांतों में दर्द रहता है तो इनकी प्राकृतिक तरीके से देखभाल करें।

5माजूफल से इलाज
माजूफल से दांतों का प्राकृतिक रूप से उपचार होता है। माजूफल को खूब महीन पीसकर रोजाना सुबह - शाम इससे दांतों को मलें। इसके साथ ही धीरे-धीरे मसूढ़ों की भी मालिश करें। इससे दांतों में पानी लगना दूर होता है और कमजोर दांतों में भी मजबूती आ जाती है। मसूढ़ों से खून आने की शिकायत होती है तो वह भी दूर हो जाती है।

6सरसों का तेल और सेंधा नमक
दांतों के लिए सरसों का तेल और सेंधा नमक का मिश्रण भी गुणकारी है। सेंधा नमक को खूब बारीक़ पीसकर उसे सरसों के तेल में हथेली पर लेकर अच्छी तरह मिला लें। फिर ऊँगली की सहायता से दांतों सहित मसूढ़ों की भी धीरे-धीरे मालिश करें। इससे दांतों का हिलना ठीक होकर उनमें मजबूती आती है। दांतों में पानी लगने की शिकायत दूर होती है और उनका पीलापन दूर होता है।

7अकरकरा का बारीक़ चूर्ण
अकरकरा का बारीक़ चूर्ण मसूढ़ों पर मलने और कीड़े लगे खोखले दांतों की जड़ में लगने से कृमि नष्ट होकर दर्द बंद हो जाता है। यह औषधि आयुर्वेद दुकानों में या पतंजलि स्टोर में उपलब्ध होती है।

जब आप डॉक्टर के पास जाते है तो वो आपको दाँत उखाड़ने या दाँत में RCT (Root Canal Treatment) करवाने की सलाह देते है और क्यूंकि RCT थोड़ी महंगी परिक्रिया है इसलिए हम से कई लोग इसे अफ़्फोर्ड नहीं कर पाते है और दूसरा विकल्प हमारे पास दाँत उखाड़ने की होती है जो हम निकालना नहीं चाहते है।
आइये dentist RCT कैसे करते है इसकी परिक्रिया को समझते है।

Dant Dard ka ilaj

सबसे पहले स्थान पर जो इमेज है वो एक नॉर्मल दाँत की है हमारा दाँत भी इसी प्रकार से बना हुआ है आप देखेंगे की जो पहली सफ़ेद लेयर है जो कि Enamel है, दूसरा लेयर जो कुछ पीली रंग का दिखाई पड़ रही है उसे Dentin कहा जाता है और जो तीसरी लेयर है जिसमें आपकी दाँतों की नशे है Pulp chamber कहते है।

जब दाँतों की पहली सफेद लेयर Cavities लगने पर डैमेज हो जाती है तब कुछ भी खाने पर यह सीधा Dentin पर नुकसान पहुँचता है और धीरे-धीरे यह दाँत के नशों तक चला जाता है फिर खाने की कुछ भी वास्तु अगर नस तक पहुँचती है तो दर्द होना शुरू हो जाती है।
और यह नशे आपकी कान और शिर जुड़ी होती है इसलिए अक्सर दाँतों के दर्द से सिर या कानों में भी दर्द होती है। यदि आप इस परेशानी से जूझ रहे है तो आप बेहतर समझ सकते है।
समय पर दाँतों की ठीक तरह से देखभाल नहीं करने से यह समस्या बढ़ती ही जाती है और धीरे-धीरे यह पूरी तरह से खोखले(खोदाड़) का रूप ले लेता है।

इस कंडीशन में डेंटिस्ट दाँतों का X ray कर इसके जाँच करते है फिर RCT की परिक्रिया शुरू करते है ,
इस परिक्रिया में दाँत के दोनों ऊपरी भाग में टूल के द्वारा सफाई कर वहां से लगे कीड़े (कैविटी) को बाहर निकालते है फिर उसके अंदर Cement(Chemical) रिफिलिंग करते है।
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Gajar Ke Fayde गाजर बहुत ही गुणकारी है स्वाथ्य के लिए है


Gajar Ke Fayde गाजर बहुत ही गुणकारी है स्वाथ्य के लिए है

गाजर  का  जूस :-

Gajar Ke Fayde गाजर बहुत ही गुणकारी है स्वाथ्य के लिए है (Carrots is very beneficial),  गाजर   में   जीवन   दायिनी   शक्ति है,   गाजर   में   दूध   के   समान   गुण   विद्यमान   हैं   और   गाजर का   रस   दूध   से   भी उत्तम   है,   गाजर   में   माता   के   दूध   के समान   खनिज   लवण   पाए   जाते   हैं।  इसके   उपयोग   से  हमारी सेहत   बहुत   बढ़िया   रह   सकती   है।   गाजर  का   उपयोग   इसका रस   निकाल   कर   या   सब्जी   बनाकर   किया   जा   सकता   है।
गाजर   का   जूस   नियमित   पीने   से   हमारी   आँखों   के   छोटे छोटे   रोगों   से   लेकर   मोतियाबिंद   जैसे   रोग   नहीं   होते।   गाजर के   नियमित   सेवन   से   ब्रैस्ट   कैंसर,   पेट   के   कैंसर   और फेफड़ों   के   कैंसर   से बचा   जा सकता है   और   अगर   ये   रोग हो जाए   तो   इसके   सेवन   से   बहुत   जल्दी   रिकवरी   होती   है। लीवर   पेट   आँतों   और   दांतों   मसुडो   के   रोगों   में   भी   बहुत लाभकारी   है ।

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पालक का जूस के फायदे(Spinach juice benefits)

पालक का जूस के फायदे(Spinach juice benefits)



पालक  का  जूस :-

पालक   विटामिन K,   विटामिन A (करोटेनॉइड्स के रूप में),   मैंगनीज,   मैग्नीशियम,   आयरन,   कैल्शियम,   एमिनो एसिड   तथा फोलिक  एसिड  फोलेट,   कॉपर,   विटामिन B2,    विटामिन B6, विटामिन E,   कैल्शियम,   पोटैशियम,   और   विटामिन C   का   अति उत्कृष्ट   स्त्रोत   है।   कच्चा   पालक   खाने   से   कड़वा   और   खारा ज़रूर   लगता   है,   परन्तु   ये   गुणकारी   होता   है।   गुणों   के मामले   में   पालक   का   शाक   सब  शाकों   से   बढ़  चढ़कर   है। इसका   रस   यदि   पीने   में   अच्छा   न  लगे   तो   इसके   रस   में आटा   गूंथकर   रोटी   बनाकर   खानी   चाहिए।   पालक   रक्त   में लाल   कण   बढ़ाता   है।   कब्ज   दूर   करता   है।   पालक,   दाल व् अन्य   सब्जियों   के   साथ   खाएं।


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गेंहू के जवारों और गिलोय का मिक्स जूस(Mix the juice of wheat Jwaron and Giloy)

गेंहू के जवारों और गिलोय का मिक्स जूस

गेंहू के जवारों और गिलोय का मिक्स जूस(Mix the juice of wheat Jwaron and Giloy)

अगर  आपको   कोई   ऐसा   रोग   हो   गया   हो   जो   असाध्य   हो या   आपको   लगता   हो   के   ये   आपकी  जान  लेकर  ही  जायेगा तो  बिना  विलम्ब  किये  रोगी  को  ये  जूस  पिलाना  शुरू   करना चाहिए,   ये  शरीर  में  जाते  ही  शरीर  से  विजातीय  पदार्थ निकालकर  शारीर  में  अमृत   का  संचार  करता  है,  कैंसर,  हृदय  की ब्लॉकेज,  किडनी के रोगों, लीवर, ब्लड शुगर जैसे अनेक रोगों के लिए ये बेहतरीन  है. इस   जूस   के   बारे  के  गुणों  के  बारे  में  जितना लिखा  जाए  उतना  ही  कम   है.  गेंहू  के  जवारो  को  आयुर्वेद  में ग्रीन  ब्लड  और  पृथ्वी  की  संजीवनी  के  नाम  से  सम्भोधित  किया जाता है और गिलोय को अमृता के नाम से जाना जाता है, इन दोनों को मिक्स कर के बनाया गया जूस अपने आप में अमृत लिए रहता है
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पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)

पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)

पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)


दोस्तों ये घरेलू व आयुर्वेदिक इलाज मैंने आचार्य बालकृष्ण जी और दाती महाराज जी की फेसबुक पोस्ट से एकत्रित किये है . उम्मीद है इनसे आपको लाभ मिलेगा .



अल्सर :- कच्चे    केले    की    सब्जी    खाने   से   अल्सर   में   शीघ्र   लाभ   होता   है .
पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)



पेट के अल्सर का घरेलू उपचार:- एक   चम्मच   आवले   के   रस में   एक चम्मच   सहद मिलाकर   प्रतिदिन   दो बार पीने से   पेट का   अल्सर ठीक   हो जाता है .



अपच ( भोजन का न पचना ):- अपच   में   छांछ   एक   सर्बोत्तम   औसधि है   छांछ   आंतो में     स्वास्थ्यबर्धक कीटाणुओं   की   बृद्धि करती है.   छांछ   में   सेंधा   नमक   भुना   हुवा   जीरा   तथा   पिसी     हुयी   काली   मिर्च   मिलाकर   सेवन   करने से   अजीर्ण (भूख न लगना ) दूर हो   जाता है .


पेट में गैस बनना या पेट फूलना :- पेट   में   गैस   बनने या   पेट फूलने   पर थोड़ी   सी   हींग   को   गरम   पानी में घोलकर    लेप   बना लें   तथा   इसमे   रुई   भिगोकर   नाभि   पर   रख   दें. ऐसा   करने से   पेट   फूलने में शीघ्र ही राहत मिलती है .




पेट की गैस की अचूक औसधि :- दो छोटे चम्मच नीम्बू के रस तथा थोड़े से सेंधा नमक को २०० मिलीलीटर गुनगुने पानी में मिलकर धीरे धीरे पीने से पेट की गैस में लाभ होता है .


पाचन शक्ति बढ़ाना :- पपीता   पाचन   शक्ति   को   बढ़ता है   और   खून   की कमी   को दूर करता है . अतः जिन्हे खून की   कमी   होती   है उन्हें   पपीता   जरूर   खाना   चाहिए .



पेट दर्द :-    अनार   के  रस   से   लगभग   हर   प्रकार के   उदर रोगों   का उपचार   हो जाता है .   इसके नियमपूर्वक सेवन से भोजन – रस   का   निर्माण   प्रयाप्त   मात्रा में   होता है   जिससे   मेदा व यकृत   आदि की   दुर्बलता, संग्रहणी, दस्त   तथा   हर   प्रकार के   पेट दर्द   की   शिकायत   दूर होती है.



पेट दर्द का घरेलू उपचार:- अदरक   तथा   पुदीना   का   रस   एक   एक   चम्मच   की   मात्रा   में   ले   तथा   इसमे   सेंधा   नमक   मिला   लें .   इसे   पीने   से   पेट दर्द में तुरंत   लाभ होता है .


पेट दर्द का अनुभूत प्रयोग:-   लगभग   एक   ग्राम   पीसी   हुयी   सौंठ , एक चुटकी   हींग   तथा   थोड़ा   सा   सेंधा नमक   मिलाकर   गुनगुने   पानी   के   साथ   फंकी   लेने   से   पेट   दर्द में   लाभ होता है .


अम्ल पित (Acidity):- धनिया,  जीरा,   मिश्री   बराबर   मात्रा में   लेकर   पीस   लें .   इस   चूर्ण   को    प्रतिदिन २ – २ चम्मच   की   मात्रा में   सुबह   शाम   भोजन   के   बाद   सादे   पानी से   सेवन करें . कुछ   दिन   इसका   प्रयोग लगातार  करने   से   अम्लपित्त   का   रोग   दूर हो जाता है .


अल्सर – बिभिन्न औसधियों द्वारा अल्सर का उपाय :- १. पान   के   हरे   पत्ते   का   आधा   चम्मच   रस    प्रतिदिन पीने   से   पेट   के   घाव   व   दर्द   में   लाभ   होता है .
२. एक   चम्मच   आंवले   के   रस   में   एक   चम्मच   सहद   मिलाकर   प्रतिदिन   पीने   से   अल्सर   ठीक   हो जाता है . ३. अल्सर   के   रोगी   को   अनार   के   रस   तथा   आवला   मुरब्बा   सेवन   करने   से   लाभ होता है . ४. अल्सर में   दूध , पका   केला , चीकू,   शरीफा   तथा   सेब का   सेवन   करना   चाहिए..
पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)



अस्थमा :- हल्दी   को   पीसकर   चूर्ण   बना लें   तथा इस   चूर्ण   को सूखी   कढ़ाई में    भून कर   ठंडा   होने   पर शीशी में भरकर   रख   लें यह   चूर्ण   एक   छोटी   चम्मच की   मात्रा में   प्रतिदिन   गरम पानी   या   गर्म दूध के   साथ    सेवन करने से   अस्थमा   में बहुत   लाभ   होता है


श्वास (दमा) रोग हेतु अनुभूत प्रयोग :-
आधे चम्मच अदरक के रस में एक चमच शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम चाटने से सभी प्रकार के स्वाश रोग ,खांसी तथा जुकाम आदि ठीक होते है .



आंतो की सूजन दूर करने में उपयोगी दही:- आंतो की सूजन दूर करने में दही अत्यंत लाभ कारक है. इस रोग में भूक लगने पर रोटी से अधिक दही का सेवन करने से जल्दी ही आंतो की सूजन दूर हो जाती है ..


दस्तों में लाभ कारी ईसबगोल:- ईसबगोल को दही के साथ सेवन करने से आंवयुक्त दस्त और खुनी दस्त के रोग में लाभ मिलता है.


दिल की घबराहट:- 50 ग्राम सेब के जूस में दस ग्राम शुद्ध शहद को मिलाकर सेवन करने से दिल की घबराहट से तत्काल राहत मिलती है .


पाचन शक्ति बढ़ाने हेतु प्रयोग:- चुटकी   भर   काली मिर्च   के   चूर्ण में   एक चम्मच   शहद   मिलाकर   दिन   में   दो बार चाटने   से   पाचन   शक्ति   बढ़ती   है   तथा   भूख   लगती है .



गुर्दा (Kidney) की सफाई में उपयोगी हरा धनिया:-   लगभग   50 ग्राम   हरा धनिया   अच्छी   तरह   धोकर   बारीक काट   लें   और   इसे   एक गिलास   पानी   में   डालकर   10 मिनट   तक उबालें .   इसे   ठंडा   होने   पर   छान   कर पी लें . प्रतिदिन ऐसा करने से गुर्दों की सफाई हो जाती है तथा गन्दगी मूत्र के साथ बाहर निकल जाती है . यह प्रयोग किसी भी समय कर सकते है .


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पत्ता गोभी के फायदे स्वाथ्य के लिए बहुत ही गुणकारी है




पत्तागोभी  का  जूस :-

पत्ता गोभी के फायदे स्वाथ्य के लिए बहुत ही गुणकारी है पत्तागोभी   देखने   में   जितनी   साधारण   हैं   उतनी   ही   गुणों   में अमृत   के   समान   हैं,   अनेक   कष्ट   साध्य   रोग   जैसे   कैंसर, कोलाइटिस,   हार्ट,   मोटापा,   अलसर,   ब्लड   क्लॉटिंग   रक्त के थक्के   जमने   में,   उच्च   रक्तचाप,   नींद   की   कमी,   पथरी,   मूत्र की   रुकावट   में   पत्तागोभी   बहुत   लाभकारी   हैं।   इसकी   सब्जी भी   घी   से   छौंककर   बनानी   चाहिए।   पत्तागोभी   को   करमकल्ला   के   नाम   से   भी   पुकारा   जाता   हैं।   इसका   रस, सलाद   और   सब्जी   सभी   गुणकारी   हैं।   रोगी   व्यक्ति   को नियमित   इसके   जूस   का   सेवन   करना   चाहिए.   और   अगर स्वस्थ   व्यक्ति   भी   इसका   सेवन  करता   है   तो   उसका   स्वास्थय नियमित   बना   रहता   है.


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म्यूच्यूअल फण्ड में पैसा लगाना चाहते है तो जाने इसके फायदे in Hindi

Mutual Fund Kya Hai (What is Mutual Fund in Hindi), आज के दौर में लगभग सभी लोग म्यूचुअल फण्ड का नाम सुने हैं परंतु ऐसे भी बहुत सारे लोग हैं जिन्हे म्यूच्यूअल फण्ड क्या है इस बारे में नहीं पता है | क्योकि इस प्रकार के financial terms में उनकी रूचि नहीं होती है और वो सोचते है की वे किसी झंझट में नहीं पड़ना चाहते है। जबकि कुछ ऐसी scheme होती है जिससे अच्छा profit कमाया जा सकता है। अगर mutual fund में सोच समझकर money investment किया जाये तो कम समय में लाखो रूपये earn कर सकते है।

अगर आप भी mutual fund के बारे में जानना चाहते है तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े तभी आप जान पाएंगे की mutual fund क्या है? mutual fund कितने प्रकार के होते है , कौन से फण्ड में निवेश करें, इसमें investment कैसे करते है? mutual fund में invest करने पर क्या जोखिम है ?

Mutual Fund in Hindi

Mutual Fund क्या है?

बहुत सारे निवेशकों द्वारा जमा की गयी राशि(पैसे) को mutual fund कहते है और उस पैसा को एक fund में डाल दिया जाता है। और इस जमा राशि को fund manager द्वारा manage किया जाता है और fund manager अपनी skills का उपयोग करके उस fund में जमा पैसो से financial assets को खरीदने में या वित्तीय साधनो में निवेश करता है। तथा यह विकलप है वैसे निवेशकों के लिए जो बैंक और अन्य संस्थानों द्वारा दिए जाने वाले ब्याज से संतुष्ट नहीं हैं, तथा लम्बी अवधि के लिए निवेशित रहने को तैयार हैं | लम्बी अवधि के लिए निवेश का सबसे अच्छा विकल्प म्यूचुअल फण्ड को माना जाता है |

म्यूचुअल फण्ड EQUITY तथा DEBT दोनों तरह की Securities में निवेशको की राशि निवेश करता है | निवेश के लिए विशिष्ट फण्ड मैनेजर्स नियुक्त किये जाते हैं जिनकी शेयर बाजार तथा DEBT पर अधययन काफी मजबूत होती है | वैसे निवेशक ( investors) जो Share market में सीधे निवेश नहीं कर पाते, या उनका जेब अनुमति नहीं देता, या समय का आभाव या तकनिकी दिक्कत निवेशकों के लिए परेशानी बने तो वैसे निवेशक जिनकी जानकारी शेयर बाजार में सिमित हो, वे म्यूचुअल फण्ड के माध्यम से निवेश कर सकते हैं |

Mutual funds में कई प्रकार से निवेश किया जाता है और invest में होने वाले risk , profit & loss और returns भी इसी पर depend करता है। Mutual funds में बाजार के अनुसार उतार चड़ाव होता है तथा इससे रकम निकालने को निवेशक स्वतंत्र होता है, Funds के scheme से निकाशी(withdraw) अत्यंत सरल होता है | अपने द्वारा निवेश किये गए राशि (रकम) की monitoring समय समय पर करते रहना चाहिए |

आज के समय में कोई भी व्यक्ति छोटी सी राशि से mutual fund मैं निवेश करना शुरू कर सकता है। mutual fund मैं minimum 500 रुपये से निवेश कर सकता है। Mutual fund में एक निवेशक जो कि बड़ा निवेश नहीं कर पाता, उस के पास छोटे छोटे Units में निवेश करने की सुविधा होती है। इसके अलावा Mutual Fund का सबसे बड़ा फायदा यह है की एक निवेशक जिसे बाज़ार की अधिक जानकारी नहीं है वह अपना निवेश की गई राशि विशेषज्ञों के हाथ में छोड़ देता है और इस fund को कहाँ, कैसे और कब निवेश करना है यह उन विशेषज्ञों(experts) पर निर्धारित होता हैं।

Mutual Fund में पैसे Invest कैसे करे?


Mutual Fund मैं निवेश करना आज के समय में बहुत ही सरल हो गया है। आप Mutual Fund में निवेश करना चाहते है तो online वेबसाइट से निवेश कर सकते है या आप किसी Agent या Company के जरिये Mutual Fund में निवेश कर सकते है। अगर आप इस क्षेत्र में नए है और आपको mutual fund के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो आपके लिए किसी expert के जरिये ही mutual fund में निवेश करना अच्छा विकल्प रहेगा ।

क्यों की experts इस field में बहुत समय से काम कर रहे होते है और उनको मार्केट की अच्छी knowledge होती है। इसलिए आपको Agent के जरिये निवेश करना चाहिए। वह आपके पैसे आपकी जरुरत के हिसाब से उन्ही Mutual Fund में लगाएगा जिस तरह का मुनाफा आप चाहते है। अगर आप कम risk वाले funds मैं निवेश करना चाहते है तो वह आपका पैसा उसी प्रकार की mutual fund scheme मैं निवेश करता है जिसमे risk कम होती है।

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Mutual Fund में लगाए पैसे कैसे काम करता है?


जब बहुत से निवेशक मिल कर एक Fund में निवेश (Invest) करते हैं तो उस fund को बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाता है जिसे इकाई या Unit कहते हैं।
उदाहरण के लिये मान लीजिये कि कुछ दोस्त मिल कर एक एकड़ का Tree plant खरीदना चाहते हैं। एक एकड़ जमीन में 1000 पेड़ लगे हुए है जिसकी कीमत 10 लाख रुपये है। अब यदि इस फंड को 100 रु कि युनिट्स में बांटेंगे तो 10,000 यूनिट बनेंगे। निवेशक जितने चाहे उतने यूनिट अपनी निवेश क्षमता के अनुसार खरीद सकते हैं। यदि आपके पास केवल 1000 रुपये निवेश करने के लिए हैं तो आप 10 यूनिट खरीद सकते हैं। उसी अनुपात में आप भी उस निवेश (Tree plant) के मालिक हो जायेगे।

अब मान लीजिये की इस 10 लाख के निवेश की कीमत बढ़ कर एक महीने के बाद 12 लाख रूपये हो गयी। अब इस निवेश के अनुसार यूनिट की कीमत निकाली जायेगी तो 100 रुपये वाला यूनिट अब 120 रुपये का हो चुका है। जिस निवेशक ने एक हजार रुपये में 10 यूनिट खरीदे थे, 120 प्रति यूनिट के हिसाब से अब उसका निवेश (120X10) यानि 1200 रुपये हो जायेगा। इस प्रकार से बाजार में बड़ोतरी होने से निवेशक (investor) को फायदे होते है ।

Mutual Fund में Invest करने से पहले किन बातो का ध्यान रखना चाहिए

अगर आपने mutual fund में निवेश करने का मन बना लिया है और अपनी पूंजी का कुछ हिस्सा इसमें निवेश करना चाहते है तो सबसे पहले आपको कुछ बातो को जानना आवश्यक है।

  1. Mutual fund में निवेश करने से पहले आपको सही Mutual Fund scheme का चुनाव (selection) करना जरुरी है।
  2. इसके बाद अपनी जोखिम लेने की क्षमता का आकलन भी कर ले और Mutual funds की पिछली performance को check करे। इससे आपको एक idea जरूर मिल जायेगा की कोन सी स्कीम में risk काम और profit ज्यादा है।
  3. Mutual fund के investment में होने वाले खर्चे को भी एक बार निर्धारित (determine) कर ले और साथ ही Fund house और Fund manager के पिछले रिकॉर्ड को भी चेक करे।

Mutual Fund Investment के Advantages क्या है


  1. Mutual fund में इन्वेस्ट करने का सबसे बड़ा फायदा ये है की आप 500 रूपये की न्यूनतम राशि से इन्वेस्ट कर सकते है जो की एक छोटी रकम है शुरुवात करने के लिए मतलब अगर आपके पास ज्यादा बड़ा capital (पूंजी) नहीं है तब भी आप mutual fund में इन्वेस्ट करके लाभ उठा सकते है।

  2. Mutual fund में invest करने पर निवेशकों को इसकी देख-रेख नहीं करनी पड़ती है क्योकि इसको fund managers और experts के द्वारा मैनेज कर लिया जाता है और ये expert लम्बे समय से इस field में काम कर चुके होते है और मार्केट में होने वाले उतार चड़ाव पर अपनी नजर रखते है और ये expert अपनी skills और experience से सिर्फ ऐसी scheme में fund का पैसा निवेश करते है जहा पर ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके।

  3. Mutual funds को मैनेज करने वाला मैनेजर आपको scheme की पूरी जानकारी देता रहता है तथा और कहा इन्वेस्ट कर रहा है मार्केट में होने वाले बदलाव आदि से अगवत करता है जिससे इसमें पारदर्शिता(Clarity) बनी रहती है। और इसमें किसी भी प्रकार का अतिरिक्त(Extra) और hidden charge नहीं देना पड़ता है।

  4. Mutual fund में कई प्रकार की scheme रहती है और मार्केट में भी परिवर्तन होती रहती है जिसकी बजह से कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छानुसार और अपनी क्षमता के अनुसार Invest कर सकता है।

  5. भारत में Mutual Funds को SABI (Securities and Exchange Board of India) के द्वारा नियमित रूप से नियंत्रित (control) किया जाता है और ये निवेशकर्ताओं (Investors) के हितो का पूरा ध्यान रखते है।

Mutual Fund Investment के Disadvantages क्या है


  1. Mutual fund के पैसे को बिभिन्न प्रकार के मार्केट में invest किया जाता है और कभी-कभी इस मार्केट की वैल्यू(Value) में आये उतार चढ़ाव की बजह से आपको loss भी सहना पड़ सकता है।

  2. Mutual फंड में कई लोग एक साथ invest करते है और अगर बहुत बढ़ा मुनाफा होता भी है तो उस profit को कई लोगो में बाँट दिया जाता है जिसकी बजह से profit का कुछ हिस्सा ही मिल पता है जिससे ज्यादा लाभ नहीं मिल पता है।

  3. Mutual fund के पैसे को कहा और कब इन्वेस्ट करना है इस पर investors का control नहीं होता है क्योकि mutual fund को fund manager द्वारा मैनेज किया जाता है। इसलिए इन्हे नियंत्रित करने का कोई भी विकल्प आपके पास नहीं होता है।

  4. यदि आप अपने Mutual fund के निवेश रकम को समय से पहले तोड़ते है यानि निकाशी (withdraw) करते है तो आपको उस समय बाजार की चल रही वर्तमान राशि प्राप्त होती है ।

Conclusion

यदि आप Mutual Fund क्या होता है (What is Mutual Fund in Hindi) इस बारे में जान चुके है । और इसमें invest करने की विचार बना रहे है तो आपको बता दू की सबसे पहले आप जहा भी अपना पैसा invest करें उसके बारे में अच्छी तरह से जांच पड़ताल जरूर कर लें और उसके बाद ही अपना पैसा Mutual fund में निवेश करें । क्योंकि जरा सी भूल से आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

फिर भी mutual fund में invest करना एक अच्छा कदम हो सकता है । अगर आप सोच समझकर इसमें इन्वेस्ट करें तो आप भी लाभ उठा सकते है। यदि फिर भी mutual fund क्या है इससे जुडी कोई आपका सवाल या सुझाव है तो हमे कमेंट बॉक्स पर जरूर लिखे ।
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