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पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)

पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)


दोस्तों ये घरेलू व आयुर्वेदिक इलाज मैंने आचार्य बालकृष्ण जी और दाती महाराज जी की फेसबुक पोस्ट से एकत्रित किये है . उम्मीद है इनसे आपको लाभ मिलेगा .



अल्सर :- कच्चे    केले    की    सब्जी    खाने   से   अल्सर   में   शीघ्र   लाभ   होता   है .
पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)



पेट के अल्सर का घरेलू उपचार:- एक   चम्मच   आवले   के   रस में   एक चम्मच   सहद मिलाकर   प्रतिदिन   दो बार पीने से   पेट का   अल्सर ठीक   हो जाता है .



अपच ( भोजन का न पचना ):- अपच   में   छांछ   एक   सर्बोत्तम   औसधि है   छांछ   आंतो में     स्वास्थ्यबर्धक कीटाणुओं   की   बृद्धि करती है.   छांछ   में   सेंधा   नमक   भुना   हुवा   जीरा   तथा   पिसी     हुयी   काली   मिर्च   मिलाकर   सेवन   करने से   अजीर्ण (भूख न लगना ) दूर हो   जाता है .


पेट में गैस बनना या पेट फूलना :- पेट   में   गैस   बनने या   पेट फूलने   पर थोड़ी   सी   हींग   को   गरम   पानी में घोलकर    लेप   बना लें   तथा   इसमे   रुई   भिगोकर   नाभि   पर   रख   दें. ऐसा   करने से   पेट   फूलने में शीघ्र ही राहत मिलती है .




पेट की गैस की अचूक औसधि :- दो छोटे चम्मच नीम्बू के रस तथा थोड़े से सेंधा नमक को २०० मिलीलीटर गुनगुने पानी में मिलकर धीरे धीरे पीने से पेट की गैस में लाभ होता है .


पाचन शक्ति बढ़ाना :- पपीता   पाचन   शक्ति   को   बढ़ता है   और   खून   की कमी   को दूर करता है . अतः जिन्हे खून की   कमी   होती   है उन्हें   पपीता   जरूर   खाना   चाहिए .



पेट दर्द :-    अनार   के  रस   से   लगभग   हर   प्रकार के   उदर रोगों   का उपचार   हो जाता है .   इसके नियमपूर्वक सेवन से भोजन – रस   का   निर्माण   प्रयाप्त   मात्रा में   होता है   जिससे   मेदा व यकृत   आदि की   दुर्बलता, संग्रहणी, दस्त   तथा   हर   प्रकार के   पेट दर्द   की   शिकायत   दूर होती है.



पेट दर्द का घरेलू उपचार:- अदरक   तथा   पुदीना   का   रस   एक   एक   चम्मच   की   मात्रा   में   ले   तथा   इसमे   सेंधा   नमक   मिला   लें .   इसे   पीने   से   पेट दर्द में तुरंत   लाभ होता है .


पेट दर्द का अनुभूत प्रयोग:-   लगभग   एक   ग्राम   पीसी   हुयी   सौंठ , एक चुटकी   हींग   तथा   थोड़ा   सा   सेंधा नमक   मिलाकर   गुनगुने   पानी   के   साथ   फंकी   लेने   से   पेट   दर्द में   लाभ होता है .


अम्ल पित (Acidity):- धनिया,  जीरा,   मिश्री   बराबर   मात्रा में   लेकर   पीस   लें .   इस   चूर्ण   को    प्रतिदिन २ – २ चम्मच   की   मात्रा में   सुबह   शाम   भोजन   के   बाद   सादे   पानी से   सेवन करें . कुछ   दिन   इसका   प्रयोग लगातार  करने   से   अम्लपित्त   का   रोग   दूर हो जाता है .


अल्सर – बिभिन्न औसधियों द्वारा अल्सर का उपाय :- १. पान   के   हरे   पत्ते   का   आधा   चम्मच   रस    प्रतिदिन पीने   से   पेट   के   घाव   व   दर्द   में   लाभ   होता है .
२. एक   चम्मच   आंवले   के   रस   में   एक   चम्मच   सहद   मिलाकर   प्रतिदिन   पीने   से   अल्सर   ठीक   हो जाता है . ३. अल्सर   के   रोगी   को   अनार   के   रस   तथा   आवला   मुरब्बा   सेवन   करने   से   लाभ होता है . ४. अल्सर में   दूध , पका   केला , चीकू,   शरीफा   तथा   सेब का   सेवन   करना   चाहिए..
पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)



अस्थमा :- हल्दी   को   पीसकर   चूर्ण   बना लें   तथा इस   चूर्ण   को सूखी   कढ़ाई में    भून कर   ठंडा   होने   पर शीशी में भरकर   रख   लें यह   चूर्ण   एक   छोटी   चम्मच की   मात्रा में   प्रतिदिन   गरम पानी   या   गर्म दूध के   साथ    सेवन करने से   अस्थमा   में बहुत   लाभ   होता है


श्वास (दमा) रोग हेतु अनुभूत प्रयोग :-
आधे चम्मच अदरक के रस में एक चमच शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम चाटने से सभी प्रकार के स्वाश रोग ,खांसी तथा जुकाम आदि ठीक होते है .



आंतो की सूजन दूर करने में उपयोगी दही:- आंतो की सूजन दूर करने में दही अत्यंत लाभ कारक है. इस रोग में भूक लगने पर रोटी से अधिक दही का सेवन करने से जल्दी ही आंतो की सूजन दूर हो जाती है ..


दस्तों में लाभ कारी ईसबगोल:- ईसबगोल को दही के साथ सेवन करने से आंवयुक्त दस्त और खुनी दस्त के रोग में लाभ मिलता है.


दिल की घबराहट:- 50 ग्राम सेब के जूस में दस ग्राम शुद्ध शहद को मिलाकर सेवन करने से दिल की घबराहट से तत्काल राहत मिलती है .


पाचन शक्ति बढ़ाने हेतु प्रयोग:- चुटकी   भर   काली मिर्च   के   चूर्ण में   एक चम्मच   शहद   मिलाकर   दिन   में   दो बार चाटने   से   पाचन   शक्ति   बढ़ती   है   तथा   भूख   लगती है .



गुर्दा (Kidney) की सफाई में उपयोगी हरा धनिया:-   लगभग   50 ग्राम   हरा धनिया   अच्छी   तरह   धोकर   बारीक काट   लें   और   इसे   एक गिलास   पानी   में   डालकर   10 मिनट   तक उबालें .   इसे   ठंडा   होने   पर   छान   कर पी लें . प्रतिदिन ऐसा करने से गुर्दों की सफाई हो जाती है तथा गन्दगी मूत्र के साथ बाहर निकल जाती है . यह प्रयोग किसी भी समय कर सकते है .


पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)

पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)

पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)


दोस्तों ये घरेलू व आयुर्वेदिक इलाज मैंने आचार्य बालकृष्ण जी और दाती महाराज जी की फेसबुक पोस्ट से एकत्रित किये है . उम्मीद है इनसे आपको लाभ मिलेगा .



अल्सर :- कच्चे    केले    की    सब्जी    खाने   से   अल्सर   में   शीघ्र   लाभ   होता   है .
पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)



पेट के अल्सर का घरेलू उपचार:- एक   चम्मच   आवले   के   रस में   एक चम्मच   सहद मिलाकर   प्रतिदिन   दो बार पीने से   पेट का   अल्सर ठीक   हो जाता है .



अपच ( भोजन का न पचना ):- अपच   में   छांछ   एक   सर्बोत्तम   औसधि है   छांछ   आंतो में     स्वास्थ्यबर्धक कीटाणुओं   की   बृद्धि करती है.   छांछ   में   सेंधा   नमक   भुना   हुवा   जीरा   तथा   पिसी     हुयी   काली   मिर्च   मिलाकर   सेवन   करने से   अजीर्ण (भूख न लगना ) दूर हो   जाता है .


पेट में गैस बनना या पेट फूलना :- पेट   में   गैस   बनने या   पेट फूलने   पर थोड़ी   सी   हींग   को   गरम   पानी में घोलकर    लेप   बना लें   तथा   इसमे   रुई   भिगोकर   नाभि   पर   रख   दें. ऐसा   करने से   पेट   फूलने में शीघ्र ही राहत मिलती है .




पेट की गैस की अचूक औसधि :- दो छोटे चम्मच नीम्बू के रस तथा थोड़े से सेंधा नमक को २०० मिलीलीटर गुनगुने पानी में मिलकर धीरे धीरे पीने से पेट की गैस में लाभ होता है .


पाचन शक्ति बढ़ाना :- पपीता   पाचन   शक्ति   को   बढ़ता है   और   खून   की कमी   को दूर करता है . अतः जिन्हे खून की   कमी   होती   है उन्हें   पपीता   जरूर   खाना   चाहिए .



पेट दर्द :-    अनार   के  रस   से   लगभग   हर   प्रकार के   उदर रोगों   का उपचार   हो जाता है .   इसके नियमपूर्वक सेवन से भोजन – रस   का   निर्माण   प्रयाप्त   मात्रा में   होता है   जिससे   मेदा व यकृत   आदि की   दुर्बलता, संग्रहणी, दस्त   तथा   हर   प्रकार के   पेट दर्द   की   शिकायत   दूर होती है.



पेट दर्द का घरेलू उपचार:- अदरक   तथा   पुदीना   का   रस   एक   एक   चम्मच   की   मात्रा   में   ले   तथा   इसमे   सेंधा   नमक   मिला   लें .   इसे   पीने   से   पेट दर्द में तुरंत   लाभ होता है .


पेट दर्द का अनुभूत प्रयोग:-   लगभग   एक   ग्राम   पीसी   हुयी   सौंठ , एक चुटकी   हींग   तथा   थोड़ा   सा   सेंधा नमक   मिलाकर   गुनगुने   पानी   के   साथ   फंकी   लेने   से   पेट   दर्द में   लाभ होता है .


अम्ल पित (Acidity):- धनिया,  जीरा,   मिश्री   बराबर   मात्रा में   लेकर   पीस   लें .   इस   चूर्ण   को    प्रतिदिन २ – २ चम्मच   की   मात्रा में   सुबह   शाम   भोजन   के   बाद   सादे   पानी से   सेवन करें . कुछ   दिन   इसका   प्रयोग लगातार  करने   से   अम्लपित्त   का   रोग   दूर हो जाता है .


अल्सर – बिभिन्न औसधियों द्वारा अल्सर का उपाय :- १. पान   के   हरे   पत्ते   का   आधा   चम्मच   रस    प्रतिदिन पीने   से   पेट   के   घाव   व   दर्द   में   लाभ   होता है .
२. एक   चम्मच   आंवले   के   रस   में   एक   चम्मच   सहद   मिलाकर   प्रतिदिन   पीने   से   अल्सर   ठीक   हो जाता है . ३. अल्सर   के   रोगी   को   अनार   के   रस   तथा   आवला   मुरब्बा   सेवन   करने   से   लाभ होता है . ४. अल्सर में   दूध , पका   केला , चीकू,   शरीफा   तथा   सेब का   सेवन   करना   चाहिए..
पेट से छाती तक की बीमारियां (Diseases of Stomack to Chest)



अस्थमा :- हल्दी   को   पीसकर   चूर्ण   बना लें   तथा इस   चूर्ण   को सूखी   कढ़ाई में    भून कर   ठंडा   होने   पर शीशी में भरकर   रख   लें यह   चूर्ण   एक   छोटी   चम्मच की   मात्रा में   प्रतिदिन   गरम पानी   या   गर्म दूध के   साथ    सेवन करने से   अस्थमा   में बहुत   लाभ   होता है


श्वास (दमा) रोग हेतु अनुभूत प्रयोग :-
आधे चम्मच अदरक के रस में एक चमच शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह शाम चाटने से सभी प्रकार के स्वाश रोग ,खांसी तथा जुकाम आदि ठीक होते है .



आंतो की सूजन दूर करने में उपयोगी दही:- आंतो की सूजन दूर करने में दही अत्यंत लाभ कारक है. इस रोग में भूक लगने पर रोटी से अधिक दही का सेवन करने से जल्दी ही आंतो की सूजन दूर हो जाती है ..


दस्तों में लाभ कारी ईसबगोल:- ईसबगोल को दही के साथ सेवन करने से आंवयुक्त दस्त और खुनी दस्त के रोग में लाभ मिलता है.


दिल की घबराहट:- 50 ग्राम सेब के जूस में दस ग्राम शुद्ध शहद को मिलाकर सेवन करने से दिल की घबराहट से तत्काल राहत मिलती है .


पाचन शक्ति बढ़ाने हेतु प्रयोग:- चुटकी   भर   काली मिर्च   के   चूर्ण में   एक चम्मच   शहद   मिलाकर   दिन   में   दो बार चाटने   से   पाचन   शक्ति   बढ़ती   है   तथा   भूख   लगती है .



गुर्दा (Kidney) की सफाई में उपयोगी हरा धनिया:-   लगभग   50 ग्राम   हरा धनिया   अच्छी   तरह   धोकर   बारीक काट   लें   और   इसे   एक गिलास   पानी   में   डालकर   10 मिनट   तक उबालें .   इसे   ठंडा   होने   पर   छान   कर पी लें . प्रतिदिन ऐसा करने से गुर्दों की सफाई हो जाती है तथा गन्दगी मूत्र के साथ बाहर निकल जाती है . यह प्रयोग किसी भी समय कर सकते है .


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